रियलिटी वर्सेज एक्सपेक्टेशन इन आउसबिल्डुंग प्रोग्राम ऑफ़ जर्मनी

रियलिटी वर्सेज एक्सपेक्टेशन इन आउसबिल्डुंग प्रोग्राम ऑफ़ जर्मनी

रियलिटी वर्सेज एक्सपेक्टेशन इन आउसबिल्डुंग प्रोग्राम ऑफ़ जर्मनी

आऊसबिल्डुंग में समय पर पढ़ाई और परिश्रम जरूरी 

जर्मनी से विकास और अरुण ने दी जानकारी 

जयपुर. आऊसबिल्डुंग के बारे में वास्तविकता भी जानकारी पहले से कर लेना अच्छा रहता है। जर्मन में आप काम सीखने, काम करने और पढ़ने के लिए जाते है। इस दौरान समय पर पढ़ाई और परिश्रम करना, समय का पाबंद रहना और सही तरीके से काम करना भी अनिवार्य है। जर्मनी में रहते हुए वहां के नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। ऐसी बहुत भी महत्वपूर्ण जानकारियां जर्मनी में आऊसबिल्डुंग ( वोकेशनल ट्रेनिंग ) कर रहे छात्रों विकास और अरुण ने ई लैंग्वेज स्टूडियो की ओर से आयोजित वेबिनार में दी। दोनों छात्रों ने ई लैंग्वेज स्टूडियों से ही बी 1 तक की पढ़ाई की है। इस वेबिनार का विषय आऊसबिल्डुंग एक्सपटेशन वर्सेज रियलिटी था। 

विकास और अरुण ने बताया कि यहां हाई एक्सपटेशन के साथ नहीं आना चाहिए बल्कि सीखने की मानसिकता के साथ आना चाहिए। यहां आकर यह सोचना चाहिए कि सर्वाइव कैसे करें। यहां आने का मतलब सब कुछ सेट हो जाना नहीं है या आप यह सोच कर आते हो कि यहां सब सेट कर लेंगे तो आपकी गलतफहमी है। इससे आप नुकसान में रह सकते हो। यहां रहने और सर्वाइव करने के लिए अच्छी जर्मन लैंग्वेज (बी2) सबसे अधिक जरूरी है। आऊसबिल्डुंग में प्रारंभ में 3 से 4 महीने तक प्रोबेशन का समय रहता है। अगर आपकी लैंग्वेज अच्छी नहीं है और आपका काम भी सही नहीं है तो एम्पलायर आपको कभी भी हटा सकता है। यहां वास्तविकता यह है कि छोटी फर्म में आपको अधिक समय तक काम करना पड़ सकता है कई बार 12 से 14 घंटे तक काम करना पड़ सकता है। वैसे बड़ी बेकरी में 8 घंटे काम करना ही पर्याप्त रह सकता है वहीं छोटी बेकरी में काम ज्यादा होता है लेकिन जल्दी सीखते है। यहां काम करने और सीखने का माइंडसेट बनाकर ही आना चाहिए। यहां काम और लैंग्वेज ही महत्वपूर्ण रखती है। लॉजिस्टिक आऊसबिल्डुंग कर रहे अरुण ने जानकारी दी कि इस सेक्टर में 3 शिफ्ट में काम होता है और हर शिफ्ट 8 घंटे की होती है। यहां ड्यूटी पर 5 मिनट पहले पहुंच जाना सही रहता है और लेट नहीं होना और फालतू नहीं बैठना अच्छा माना जाता है। लेकिन यहां जर्मन लैंग्वेज मस्ट है और लोग अच्छे है, सर्पोटिव हैं। हेल्प करते है और गलती भी बता देते है। यहां काम का अच्छा माहौल है और पार्टटाइम काम के भी अच्छे अवसर है। आपको यहां कंपनी के प्रति लॉयल होना चाहिए। जर्मन लोगों को काम चोरों से सख्त नफरत है। यहां किसी को भी काम में शर्म नहीं है। आपको लापरवाह होने पर कभी भी कंपनी और स्कूल से निकाला जा सकता है।   

यहां हर सैकण्ड लैंग्वेज चाहिए होती है। गलती पर आपकी खिंचाई भी होती है और आप वहां लड़ नहीं सकते है। अगर आपके साथ का कोई नॉनवेज खा रहा है तो आप आपत्ति नहीं कर सकते है। यहां के नियमों का पालन अनिवार्य है और वर्कप्लेस और स्कूल में सहन शक्ति रखनी होती है। भारत में आऊसबिल्डुंग प्रोसेस के दौरान ही आपको बी 2.1 प्रारंभ कर देनी चाहिए ताकि आप यहां पहुंच कर बी 2 आसानी से पूरा कर सके। बी 2 कर लेना बहुत बढ़िया रहता है अगर बी 2 करके जर्मनी आए तो फायदे में रहेंगे। तीन साल की आऊसबिल्डुंग के दौरान रेजीडेंशियल कार्ड मिलता है। अगर आपका घर आपके कार्य स्थान के पास है तो अच्छा रहता है। यहां आपकी अधिकतर चीजे कंपनी ही डिसाइड करती है। 

अगर आपकी लैंग्वेज अच्छी है तो जर्मनी में सब बढ़िया रहेगा। यहां आकर यहीं के रूटीन में ढलना पड़ता है। रही बात टैक्स की तो यह यहां का टैक्स सिस्टम दुनिया के सबसे बढ़िया टैक्स सिस्टम में से एक है क्योंकि इसमे सामाजिक सुरक्षा यानि कि आपका इंश्योरेंस भी शामिल है। इसमे आप बीमार हो गए तो चिंता करने की कोई बात नहीं है और आपकी ओल्ड पेंशन का इंतजाम भी इसमे शामिल है। इसमे यह भी है कि आप कहीं भी रहो आपको पेंशन वहां पर मिल जाएगी। आपने अगर 5 साल या 10 साल भी टैक्स कटवाया है तो भी आपको उस राशि के अनुपात में पेंशन मिलेगी। अगर जर्मनी में आपका परिवार बढ़ता है तो आपका टैक्स कम होता जाएगा। यहां सब अच्छी जर्मन भाषा और आपके अच्छे व्यवहार पर निर्भर है अगर आपके पास यह दोनों है तो यहां सब अच्छा ही अच्छा है।